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Saturday, 31 December 2011

प्रसिद्ध वकील रानी जेठमलानी का निधन

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प्रसिद्ध वकील रानी जेठमलानी का निधन 
क्लीन मीडिया संवाददाता 


मुंबई, 31 दिसम्बर (सीएमसी) : सुप्रीम कोर्ट की वकील और पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री राम जेठमलानी की बेटी रानी जेठमलानी (50) का लंबी बीमारी के बाद शनिवार की सुबह निधन हो गया।
 पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि कई अंगों के काम करना बंद कर देने के बाद रानी को गत नौ दिसंबर को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
 परिजनों के मुताबिक रानी को कुछ दिन पहले अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी लेकिन स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां फिर शुरु हो गई थीं और दक्षिणी मुंबई स्थित अपने घर में उन्होंने अंतिम सांस ली।
रानी का अंतिम संस्कार चंदनवाड़ी श्मशान घाट में रविवार को किया जाएगा।

नक्सलियों ने चार लोगों की हत्या

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नक्सलियों ने चार लोगों की हत्या 
क्लीन मीडिया संवाददाता 


बांका, 31 दिसम्बर (सीएमसी): बिहार के जमुई जिले के सिमुतल्ला थाना अंतर्गत कनौदी गांव से शुक्रवार  माओवादियों द्वारा अगवा किये गये चार ग्रामीणों की हत्या कर उनके शव बांका जिले के आनंदपुर पुलिस चौकी अंतर्गत गरहरा गांव में एक कुएं के समीप फेंक दिए गए।
 पुलिस उपाधीक्षक वी के दास ने बताया कि अगवा किये गये सभी लोगों के शव पुलिस ने गरहरा गांव में एक कुएं के समीप से  बरामद किए।
 पुलिस को अगवा किये गये इन लोगों की हत्या कर शव गरहरा गांव में फेंक दिये जाने की सूचना मिली थी। शुक्रवार माओवादियों ने कनौदी गांव में हमला कर तीन ग्रामीणों मुमताज अंसारी, फकरुद्दीन अंसारी और समीमुल अंसारी की गोली मार कर हत्या कर दी थी और चार अन्य मंसूर अंसारी, कल्लू अंसारी, कासीम अंसारी और सहादत अंसारी को अगवा कर अपने साथ ले गये थे।

Air Force capable of meeting challenges: Browne

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Air Force capable of meeting challenges: Browne
Clean Media Correspondent 


New Delhi, Dec 31 (CMC): Observing that the security environment places a greater demand on leadership at all levels, air chief N A K Browne on Saturday stressed on giving "undivided attention" to operationalisation of new system, infrastructure development and integration of new capability. 
Addressing all air-warriors in his New Year message, Air Chief Marshal Browne said the IAF is committed to support the surface forces in both anti-Naxal and air maintenance operations in all areas and expressed confidence that the force is capable of meeting all the challenges.
"Our speedy operationalisation of AWACS and C-130J fleet, commitment in supporting our surface forces both during the anti-Naxal operations and sustained air maintenance operations in the north and east highlights the professional calibre of our air warriors," he said. 
Underlining IAF's vision for the future, he said, "Operationalisation of newly inducted systems, speedy development of our operational infrastructure and integration of new capabilities in our overall operational employment matrix would require our undivided attention and commitment."
He said the ever changing complexion of our security and operational environment will also place greater demands on our leadership at all levels. 
The air chief stressed on the need for developing capability of people responsible for the transformation process, and said, "A holistic approach to team building, which includes looking after their training, mentoring, counselling as well as personal needs will have to be addressed. 
"Our daily mission and the task assigned to each one of us must be accomplished with utmost commitment and while doing so we need to make a conscious effort of raising our standards a notch higher," Browne said. 

Comment on rapes twisted: Andhra police chief

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Comment on rapes twisted: Andhra police chief
Clean Media Correspondent 


Hyderabad, Dec 31 (CMC): Andhra Pradesh police chief Dinesh Reddy has blamed some TV news channels for misinterpreting his comments Friday that hinted at a link between women's dresses and the increase in number of rape cases.
While replying to a query at a press conference, the police chief had cited provocative dresses of women as one of the reasons for the increase in number of rapes. In a statement issued from the office of the director general of police (DGP) Friday evening, he said he was hurt as some news channels misinterpreted his comments. 
"Also some of the prominent ladies, knowing very well what type of person the DGP is, are trying to react out of proportion thinking the misinterpretation as gospel truth," said the statement, in an obvious reference to some women's groups condemning his remarks. 
The DGP office also released a video clip of his comment at the conference earlier in the day. At the conference, he said the dresses which were being worn by women as present day fashion were provoking men and police had no control over it. "Otherwise, why in certain schools you are banning girls from wearing shorts," he asked. 
He added that it was a free country and people were free to wear what they like. Reddy's remarks evoked strong reactions from women's groups, who described them as chauvinistic. The groups accused him of indulging in moral policing. 

पाक गोलीबारी में सेना का जवान घायल

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पाक गोलीबारी में सेना का जवान घायल 
क्लीन मीडिया संवाददाता 


जम्मू, 31 दिसम्बर (सीएमसी): पाकिस्तानी सेना ने एक बार फिर युद्धविराम का उल्लंघन करते हुए जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में गश्त लगा रहे सीमा सुरक्षा बल के दल पर गोलीबारी की, जिसमें एक जवान घायल हो गया।
 बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तानी सेना ने कल रात सांबा जिले में खोवारा इलाके में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास गोलीबारी की।
 उन्होंने बताया कि घटना में बीएसएफ का एक जवान घायल हो गया, उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा, ‘यह सीधे तौर पर युद्धविराम उल्लंघन का मामला है। हम इस घटना के लिए पाकिस्तान में अपने समकक्षों से विरोध दर्ज कराएंगे।’ घायल जवान की पहचान पंजाब के राकेश कुमार के तौर पर हुई है।
 यह इस माह में जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास पाकिस्तानी सेना की ओर से युद्धविराम उल्लंघन का चौथा मामला है। इससे पहले चार दिसंबर, 14 दिसंबर और 22 दिसंबर को भी युद्धविराम का उल्लंघन किया गया था।

परिवार चाहता है की जल्दी मिले अनुज का शव

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परिवार चाहता है की जल्दी मिले अनुज का शव 
क्लीन मीडिया संवाददाता 

पुणे, 31 दिसम्बर (सीएमसी) : ब्रिटिश और भारतीय अधिकारियों की ओर से आश्वासन मिलने के बावजूद मैनचेस्टर में मारे गए छात्र अनुज बिदवे के अभिभावक अपने बच्चे के शव के लिए यहां वहां दौड़ रहे हैं। घृणा हिंसा के शिकार हुए अनुज के शव को दूसरे पोस्टमार्टम के लिए अभी मैनचेस्टर में ही रखा गया है।
तीन महीने पहले ही लैंस्टर यूनिवर्सिटी में पढ़ने गए 23 वर्षीय अनुज की हत्या के गम में डूबे अभिभावकों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण से मुलाकात कर अनुरोध किया कि वह अनुज के शव को जल्दी वापस लाने में मदद करें। गुरूवार को पुणे आए चव्हाण से अनुरोध किया गया कि वह अंतिम संस्कार के लिए अनुज का शव जल्दी भारत लाने में उनकी मदद करें।
अनुज के परिवार को उसकी हत्या के बारे में फेसबुक पर उसके दोस्तों के कमेंट से पता चला। ब्रिटेन में क्रिसमस की छुट्टियों के कारण अनुज के शव को भारत लाने में देर हो रही है। विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा को लिखे गए एक पत्र की प्रति दिखाते हुए अनुज के बहनोई राकेश सोनावने ने कहा, ‘हम अनुज के शव को वापस पुणे लाने के लिए प्रक्रियाओं को तेज करने के लिए विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं।’ सोनावने ने कहा कि ब्रिटिश कानून के मुताबिक मैनचेस्टर पुलिस द्वारा इस सप्ताह मामले की जांच समाप्त होने के बाद ही दूसरा पोस्टमार्टम होगा।
सोनावने ने कहा, ‘ब्रिटिश कानून के मुताबिक शव को पुणे लाने से पहले उसका दूसरा पोस्टमार्टम करना जरूरी है। क्रिसमस की छुट्टी के कारण कर्मचारियों की कमी है, इसलिए हम ग्रेट मैनचेस्टर पुलिस और कर्नल से अनुरोध कर रहे हैं कि वह जितनी जल्दी संभव हो दूसरा पोस्टमार्टम कर दें।’ मुख्यमंत्री ने अनुज के परिवार को मदद का अश्वासन दिया है।

टीम अन्ना की कोर कमेटी की बैठक टली

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टीम अन्ना की कोर कमेटी की बैठक टली
क्लीन मीडिया संवाददाता 


मुंबई, 31 दिसम्बर (सीएमसी): टीम अन्ना की कोर समिति की बैठक गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता के खराब स्वास्थ्य की वजह से टाल दी गई है। पहले यह बैठक दो और तीन जनवरी को रालेगण सिद्धी में होने वाली थी।
 हजारे के सहायक सुरेश पठारे ने बताया  कि कोर समिति की बैठक अन्ना जी का स्वास्थ्य ठीक नहीं होने की वजह से टाल दी गई। बैठक की अगली तारीख की घोषणा चार या पांच दिन बाद की जाएगी।’
 भ्रष्टाचार से निपटने के लिए भावी रणनीति बनाने के लिए अन्ना हजारे के सहायकों की एक बैठक पश्चिमी महाराष्ट्र स्थित उनके पैतृक गांव रालेगण सिद्धी में होने वाली थी।
 74 वर्षीय सामाजिक कार्यकर्ता ने कमजोर लोकपाल विधेयक के विरोध में 27 दिसंबर से अपना तीन दिन का अनशन शुरू किया था, लेकिन स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण उन्होंने 28 दिसंबर को अनशन समाप्त कर दिया था। अगले दिन वह अपने गांव लौट गए। मुंबई में अनशन स्थल पर भीड़ कम होने के बावजूद हजारे ने कहा है कि वह कमजोर लोकपाल विधेयक के विरोध में उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के खिलाफ प्रचार करेंगे। 

सेना प्रमुख वी के सिंह की याचिका खारिज

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सेना प्रमुख वी के सिंह की याचिका खारिज
क्लीन मीडिया संवाददाता 


नई दिल्ली, 31 दिसम्बर (सीएमसी): रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को सेना प्रमुख जनरल वी के सिंह की जन्म के वर्ष में बदलाव करने की उनकी शिकायत खारिज कर दी। जन्म वर्ष में बदलाव खारिज हो जाने से यह साफ हो गया है कि सिंह अब 31 मई 2012 को सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
 जन्म वर्ष में बदलाव से सम्बंधित सिंह की शिकायत को खारिज करने का फैसला रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने किया।
 रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने महान्यायवादी की अनुशंसा पर अपना फैसला सेना प्रमुख को भेजा कि उनकी वैधानिक शिकायत खारिज की जाती है।
 जनरल सिंह ने आधिकारिक दस्तावेजों में अपनी जन्मतिथि 10 मई 1950 की जगह 10 मई 1951 करने के लिए आवेदन दिया था जिसका महान्यायवादी ने अध्ययन किया। इसके बाद उन्होंने अपनी अनुशंसा रक्षा मंत्रालय को भेजी। 

लोकपाल- राष्ट्रपति से मिलेंगे भाजपाई

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लोकपाल- राष्ट्रपति से मिलेंगे भाजपाई 
क्लीन मीडिया संवाददाता 


नई दिल्ली, 31 दिसम्बर (सीएमसी): संसद में लोकपाल की विफलता पर भाजपा का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल 3 जनवरी को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मुलाकात करेगा। पार्टी इस मुद्दे पर देश भर में हफ्ते भर का आंदोलन भी करेगी।
राज्यसभा में कल हुई घटनाओं पर भाजपा कोर समिति ने आज शाम इस अहम मुद्दे पर संप्रग को घेरने की रणनीति तैयार करने के लिए बैठक की।
 बैठक के बाद भाजपा के मुख्य प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘तीन जनवरी को भाजपा का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मुलाकात कर संप्रग सरकार द्वारा लोकतंत्र का गला घोंटने के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करेगी।’ प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई वरिष्ठ नेता एलके आडवाणी और पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी करेंगे।
 भाजपा 3 से 10 जनवरी तक देश भर में ‘लोकतंत्र बचाओ, कांग्रेस हटाओ’ अभियान शुरू करेगी। प्रसाद ने कहा, ‘अभियान भाजपा के जिला मुख्यालयों से लेकर प्रदेश और केंद्रीय स्तर तक किया जाएगा।’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास लोकसभा में संख्याबल नहीं था और राज्यसभा में भी वह लोकपाल विधेयक के मतदान पर भाग खड़ी हुई।

बिदवे हत्याकांड में इनाम की घोषणा

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बिदवे हत्याकांड में इनाम की घोषणा 
क्लीन मीडिया संवाददाता 


लंदन, 31 दिसम्बर (सीएमसी): भारतीय छात्र अनुज बिदवे की हत्या की जांच कर रही ब्रिटिश पुलिस ने हत्यारे का पता लगाने में मदद करने वाले को 50 हजार पाउंड का इनाम देने की घोषणा की है। साथ ही उसने घटना की सूचना देने में विलंब के लिए पीड़ित परिवार से माफी मांगी है। गौरतलब है कि बिदवे के परिवार को उसकी मृत्यु की सूचना फेसबुक से मिली।
 23 वर्षीय बिदवे को बेहद करीब से सिर में उस वक्त गोली मार दी गई थी जब वह 26 दिसंबर को तड़के ग्रेटर मैनचेस्टर जिले में अपने मित्रों के साथ उनके होटल के निकट टहल रहा था।
 भारतीय छात्र की हत्या को ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस के जासूस घृणा अपराध के तौर पर देख रहे हैं जो नस्लभेद से भी प्रेरित हो सकता है।
 पुलिस बल के वरिष्ठ अधिकारियों ने शुक्रवार शाम हत्यारे के बारे में सूचना देने वाले को 50 हजार पाउंड का इनाम देने की घोषणा करते हुए उम्मीद जताई कि यह हत्यारे को यथाशीघ्र पकड़वाने में मददगार साबित होगा।
 हत्या की जांच कर रहे जासूसी विभाग के मुख्य अधीक्षक मेरी डॉयल ने कहा, ‘यह बेहद असामान्य, बर्बर और उद्देश्यहीन हमला है और बहुत डरावना अपराध है। इसलिए हम सामान्य की तुलना में पहले इसे इनाम करने का कदम उठा रहे हैं।’ पुलिस ने कहा कि हत्या के संबंध में गिरफ्तार किए गए 16 वर्षीय लड़के और 17 साल के दो लड़कों को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। वहीं 19 और 20 साल के दो लोग हिरासत में बने हुए हैं। 

मेरी सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी - गिलानी

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मेरी सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी - गिलानी 
क्लीन मीडिया संवाददाता 


इस्लामाबाद, 31 दिसम्बर (सीएमसी): अपनी सरकार के ढेर सारे संकटों का सामना करने के बावजूद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने जल्द चुनाव कराए जाने की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि अगले आम चुनाव निर्धारित समय के अनुसार 2013 में ही कराए जाएंगे।
 गिलानी ने अपने गृह नगर मुल्तान में शुक्रवार शाम संवाददाताओं से कहा कि सरकार आम चुनाव कराने के लिए संवैधानिक और उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करेगी।
 उन्होंने कहा, ‘जिन लोगों के पास कुछ नहीं है वे कुछ बनने की इच्छा रखते हैं और वे चुनावों की चर्चा करते हैं। लेकिन वे यह नहीं जानते कि हम कानून और संविधान के अनुसार कार्रवाई करेंगे। हम संसद की आम सहमति के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं।’
 राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और सेना प्रमुख अशफाक परवेज कयानी के बीच संबंधों के बारे में पूछे जाने पर गिलानी ने कहा, ‘उनके संबंध बहुत अच्छे हैं।’
 उन्होंने उन मीडिया खबरों को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने सेना प्रमुख से पिछले साल तीन साल का सेवा विस्तार का अनुरोध स्वीकार करने को कहा था। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उर्दू में उनकी टिप्पणी के अंग्रेजी अनुवाद के कारण भ्रम पैदा हुआ।
 गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार स्थिर है और सभी राजनैतिक दलों ने सहमति जताई है कि सरकार को अपना कार्यकाल पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल्द चुनाव कराने पर हाय-तौबा का उद्देश्य सीनेट या संसद के उच्च सदन के लिए मार्च में होने वाले चुनाव को प्रभावित करना है।
 पीपीपी सरकार एक गुप्त मेमो के लीक होने के बाद से हाल के हफ्तों में शक्तिशाली सुरक्षा प्रतिष्ठान से दबाव का सामना कर रही है। इस मेमो में गत मई में अमेरिकी कार्रवाई में ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद पाकिस्तान में संभावित सैन्य तख्ता पलट को रोकने के लिए अमेरिका से मदद मांगी गई थी। 

मंत्री ने लोकायुक्त के खिलाफ मोर्चा खोला

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मंत्री ने लोकायुक्त के खिलाफ मोर्चा खोला 
क्लीन मीडिया संवाददाता 


हाथरस, 31 दिसम्बर (सीएमसी): उत्तर प्रदेश के उर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय ने राज्य के लोकायुक्त न्यायमूर्ति एन के मेहरोत्रा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि अगर वह चाहते तो लोकायुक्त को पद से हटवा देते।
 लोकायुक्त ने इसे व्यक्तिगत नहीं बल्कि बसपा का हमला करार देते हुए कहा है कि चुनाव आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिये।
 उपाध्याय ने रात हाथरस में एक जनसभा में कहा ‘भारतीय जनता पार्टी  के राष्ट्रीय मंत्री किरीट सोमैय्या की शिकायत पर लोकायुक्त ने मेरे खिलाफ जांच की लेकिन उसमें कुछ नहीं मिला। अगर लोकायुक्त से मेरे व्यक्तिगत सम्बन्ध नहीं होते तो मैं सुप्रीम कोर्ट जाकर उन्हें हटवा देता।’
 उन्होंने कहा ‘वह लोकायुक्त हाईकोर्ट का जज रहा है। मैंने कहा कि मैं उससे मिलना चाहता हूं तो उसने कहा कि आपको अपने कार्यालय बुलाने की मेरी औकात नहीं है इसलिये आप मेरे घर आइये। मैंने कहा कि मैं आउंगा ही नहीं। अगर तुम मुझे मुल्जिम समझते हो तो भी नहीं आउंगा।’
 उपाध्याय ने कहा कि मैंने उसको दो घंटे तक समझाया और बताया भी कि तुम क्या हो और हम क्या हैं। तुम क्या कर सकते हो और हम क्या कर सकते हैं। मैं कानून का छात्र रहा हूं और तुमसे ज्यादा पढ़ा हूं।
 गौरतलब है कि लोकायुक्त की सिफारिश पर प्रदेश सरकार के पांच मंत्री  बर्खास्त किये जा चुके हैं। लोकायुक्त ने भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री सोमैया की शिकायत पर उपाध्याय के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों में जांच शुरू की है। इस वक्त उनके विरुद्ध दो मामलों में तफ्तीश की जा रही है। उधर, लोकायुक्त ने उपाध्याय के बयान के जवाब में कहा है कि यह टिप्पणी विधानसभा चुनाव में फायदा लेने के लिये की गयी है और चुनाव आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिये।
उन्होंने कहा कि कानून में ऐसा प्रावधान है जिसके तहत वह इस प्रकरण की शिकायत सक्षम मजिस्ट्रेट से कर सकते हैं लेकिन चूंकि उपाध्याय इससे लाभान्वित होना चाहते होंगे इसलिये कार्रवाई का अभी कोई विचार नहीं है। लोकायुक्त ने कहा कि उपाध्याय का यह बयान व्यक्तिगत नहीं बल्कि पार्टी की कार्रवाई है और जनता चुनाव में उपाध्याय को सबक सिखाएगी। 

भड़काऊ होते हैं फैशनेबल कपड़े, बढ़ते हैं रेप

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भड़काऊ होते हैं फैशनेबल कपड़े, बढ़ते हैं रेप 
क्लीन मीडिया संवाददाता 


हैदराबाद/नई दिल्ली, 31 दिसम्बर (सीएमसी): आंध्र प्रदेश के पुलिस प्रमुख ने शुक्रवार को यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि पुरुषों को भड़काने वाले महिलाओं के फिल्मी और फैशनेबल कपड़ों से बलात्कार के मामलों में बढ़ोत्तरी होती है।
 गृह मंत्री पी चिदंबरम ने डीजीपी के इस नजरिए को खारिज करते हुए कहा कि पहनने के वस्त्र चुनने पर कोई पाबंदी नहीं लगाई जा सकती। आंध्र प्रदेश के डीजीपी वी दिनेश रेड्डी ने हैदराबाद में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पुलिस को बलात्कार मामलों के बढ़ने के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने इसके लिए महिलाओं के भडकाऊ वस्त्रों पर दोष मढ़ा।
 दिल्ली में चिदंबरम ने रेड्डी के विचारों को खारिज करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने मुताबिक कपड़े पहनने की आजादी है और इस पर कोई लगाम नहीं लगाई जा सकती।

'मेट्रोमैन' श्रीधरन आज होंगे सेवानिवृत

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'मेट्रोमैन' श्रीधरन आज होंगे सेवानिवृत 
क्लीन मीडिया संवाददाता 


नई दिल्ली, 31 दिसम्बर (सीएमसी) : चर्चित ‘मेट्रोमैन’ ई. श्रीधरन दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) प्रमुख की जिम्मेदारी अपने साथी मंगू सिंह को सौंपकर शनिवार 31 दिसंबर को रिटायर हो जाएंगे। श्रीधरन ने अपने 16 वर्ष के सफल कार्यकाल में मेट्रो के जरिए राजधानी के परिवहन क्षेत्र की सूरत बदल दी।
 श्रीधरन ‘मेट्रो भवन’ में शनिवार को दिल्ली में एक समारोह में वरिष्ठ सिविल इंजीनियर मंगू सिंह को औपचारिक रूप से पदभार सौपेंगे। 79 वर्षीय श्रीधरन 1995 में डीएमआरसी में शामिल हुए थे। आधुनिक परिवहन प्रणाली के विकास की मदद से दिल्ली में यात्रा को सुगम बनाने वाले श्रीधरन दिल्ली मेट्रो में 16 जबकि सरकार की सेवा में 58 साल से अधिक समय तक रहने के बाद सेवानिवृत्त होंगे। अपनी सेवानिवृत्ति के बाद श्रीधरन केरल के त्रिसूर में अपने पैतृक गांव में दिन बिताना चाहते हैं।
 बातचीत में श्रीधरन ने दिल्ली मेट्रो में अपने अनुभव को काफी संतोषप्रद बताया था और संगठन की सफलता का श्रेय ‘कार्य संस्कृति’ तथा जल्दी फैसला करने की प्रक्रिया को दिया था। डीएमआरसी प्रवक्ता ने कहा कि 56 वर्षीय सिंह कल से पदभार संभालेंगे। तेज रफ्तार एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन की देखरेख करने वाले सिंह खुद श्रीधरन की पसंद हैं।
 सिंह वर्ष 1981 बैच के भारतीय रेलवे अभियंता सेवा अधिकारी हैं और श्रीधरन के साथ कोलकाता मेट्रो परियोजना में भी काम कर चुके हैं। सिंह दिल्ली मेट्रो के फेस तीन के भी प्रभारी हैं। इस फेस के जरिए मेट्रो नेटवर्क का दायरा 103 किमी. और बढ़ेगा। 

Friday, 30 December 2011

Clean Media: Dramatic defeat of Lokpal Bill in Rajya Sabha- Dr ...

Clean Media: Dramatic defeat of Lokpal Bill in Rajya Sabha- Dr ...: cleanmediatoday.blogspot.com OPINION Dr. SUSHMA DIXIT Editor, Clean Media Dramatic defeat of Lokpal Bill in Rajya Sabha ...

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Dramatic defeat of Lokpal Bill in Rajya Sabha- Dr Sushma Dixit

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OPINION

Dr. SUSHMA DIXIT
Editor, Clean Media

Dramatic defeat of Lokpal Bill in Rajya Sabha













A new chapter was written in the history of Indian Parliament when Lokpal Bill dramatically collapsed on the floor of the Upper house. I must congratulate the dramatist of the ‘Play’. Whosoever has been the playwright (probably ruling party and its some of the allies) of the drama has however created a very powerful protagonist.

The protagonist of the drama is none other than Rajniti Prasad of RJD. He ironically proved his might. Very comfortably he got up from the seat, came to the centre of the floor and tore the pages of the Lokpal Bill as if it was a blank paper. While he did so, most of the senior leaders of the ruling party, including the Prime Minister Dr. Manmohan Singh were seen watching the episode helplessly. No effort was made from either corner to forbid him from doing so. It was done in full house’ view and so comfortably that it clearly indicated complicity of both the parties.  The public demands clarification on this deliberate silence! The Prime Minister also needs to justify his helplessness and cool on the rape of the parliamentary democracy before himself.

The well choreographed drama was however successful and Rajya Sabha was adjourned sine dine in the din.

Let the public now be satisfied, hoping that at least now a proper Lokpal bill will be presented in the Rajya Sabha and without much hue and cry it will be passed in the Budget Session. In fact the story of Lokpal, right from preparing a weak and ineffectual luminous void, who was supposed to beat his wings in vain to the dramatic announcement of sine dine of Rajya Sabha after a well choreographed din, was all well scripted. The script writer deserves all the credit.

Let me now ponder on the saga of Lokpal bill.
It is said, might is right and at least for once it has been proved true again. The bill, though weak, was tabled, debated and passed in the Lok Sabha not because of the staunch support and willingness of the Congress but because of the strength associated with the bill from outside the house, the Anna movement.

Congress has now, post-drama, admitted that they had only brought the bill. It also admitted that for the past forty years they had been trying to get the bill passed. In the past the lokpal bill was brought in the Lower House for eight times but due to unavoidable reasons they could not debate upon it. Congress said, “this time we had not only brought the bill but also debated and ensured its passage in the Lok Sabha.”

Now here are few uncomfortable questions which as a common man we need answer. Will Congress tell us if they had been in power for at least four decades after independence then who would have brought the bill? Why could they not pass it then? Or it did not have the will to do so for reasons better known to them.

A weak lokpal bill had been passed in the Lower House because of the number game. The Bill was prepared presuming that for years together only Congress would remain in Power. The bill then would not only safeguard them but also help them continue to be engaged in the corrupt practices.

The major drawback in the bill was that CBI has not been brought into the purview of the Lokpal. Fine! The reasons which they gave could also be accepted. BUT their claim of CBI working as an Independent body has been completely misplaced and patently false. The seventy year old organization has hardly solved 1700 cases of corruption.  It has acted as a mouth piece of the ruling party. Since for decades Congress had been in the power, it had been their mouth piece. Had it been allowed to work as an Independent body as claimed, so much hue and cry on this issue would not have happened.

There were various other drawbacks in the bill which, though, asked for amendment, by opposition parties and also by some of their allies, Government refused to accept. It had to play safe anyhow. Moreover scripted drama was going on so much change was not expected.  However 187 amendments in the bill brought by the opposition as well as the allies of the ruling coalition definitely needed time to ponder upon, as claimed by the Congress.

In conclusion we can say, what a bill it was which required 187 amendments!

This is the saga of much talked about Lokpal Bill. Anyhow! Well scripted drama. It definitely deserves a booker prize!